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NEET री-टेस्ट से पहले बड़ा विवाद: नागपुर के छात्र का सेंटर 2500 किमी दूर अबू धाबी, NTA की गलती से बढ़ी चिंता

NEET री-टेस्ट 2026 से पहले नागपुर के छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब का परीक्षा केंद्र गलती से अबू धाबी आवंटित कर दिया गया। परीक्षा से एक दिन पहले भी NTA ने सुधार नहीं किया, जिससे परिवार परेशान है।

 NEET परीक्षा को लेकर विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पेपर लीक मामले के बाद अब एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। महाराष्ट्र के नागपुर निवासी NEET अभ्यर्थी अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब को री-टेस्ट के लिए जारी किए गए एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र भारत के बजाय अबू धाबी दिखा दिया गया। परीक्षा में केवल एक दिन शेष रहने के बावजूद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से इस गलती को अभी तक ठीक नहीं किया गया है।

2500 किलोमीटर दूर मिला परीक्षा केंद्र

जानकारी के अनुसार, अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब को 14 जून को NEET री-टेस्ट का हॉल टिकट जारी किया गया था। जब उन्होंने अपना एडमिट कार्ड देखा तो उसमें उनका परीक्षा केंद्र Abu Dhabi Indian School, Abu Dhabi (UAE) दर्ज था।

नागपुर में रहने वाले छात्र और उनके परिवार के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं था। परीक्षा केंद्र उनके शहर से लगभग 2500 किलोमीटर दूर दूसरे देश में दिखाया गया था।

एडमिट कार्ड देखने के बाद परिवार ने तुरंत NTA हेल्पलाइन से संपर्क किया और समस्या की जानकारी दी। परिवार का कहना है कि हेल्पलाइन अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि यह तकनीकी गलती जल्द सुधार दी जाएगी।

परीक्षा सिर पर, लेकिन नहीं हुआ सुधार

परिवार के अनुसार शिकायत दर्ज कराने के कई दिन बाद भी एडमिट कार्ड में कोई बदलाव नहीं किया गया। अब परीक्षा की तारीख बेहद करीब है और छात्र के सामने यह संकट खड़ा हो गया है कि आखिर वह परीक्षा देने कहां जाएगा।

अब्दुल्ला के माता-पिता का कहना है कि वे लगातार NTA से संपर्क में हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। परीक्षा से ठीक पहले इस तरह की अनिश्चितता ने पूरे परिवार को मानसिक तनाव में डाल दिया है।

पासपोर्ट तक नहीं है छात्र के पास

मामले को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि अब्दुल्ला के पास पासपोर्ट भी नहीं है। ऐसे में अचानक विदेश जाकर परीक्षा देना लगभग असंभव है।

परिवार ने बताया कि उन्होंने एहतियातन ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स और फ्लाइट टिकट की संभावनाओं पर विचार करना शुरू कर दिया था ताकि यदि केंद्र नहीं बदला जाए तो छात्र परीक्षा से वंचित न रह जाए।

हालांकि इतनी कम अवधि में पासपोर्ट बनवाना, वीजा की प्रक्रिया पूरी करना और यात्रा की व्यवस्था करना बेहद कठिन है। इसके बावजूद परिवार इस विकल्प पर विचार कर रहा था क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं छात्र परीक्षा देने का अवसर ही न गंवा दे।

पहले पेपर लीक का तनाव, अब नई परेशानी

अब्दुल्ला पहले से ही NEET पेपर लीक विवाद के कारण मानसिक दबाव में थे। री-टेस्ट की तैयारी कर रहे छात्र को उम्मीद थी कि अब वह परीक्षा देकर अपने भविष्य की दिशा तय कर पाएंगे।

लेकिन एडमिट कार्ड में हुई इस बड़ी गलती ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। परिवार का कहना है कि छात्र लगातार तनाव में है और परीक्षा की तैयारी पर भी इसका असर पड़ा है।

कई अभ्यर्थियों ने भी उठाए सवाल

यह मामला केवल एक छात्र तक सीमित नहीं है। कई अभिभावकों ने शिकायत की है कि उनके बच्चों के परीक्षा केंद्र बिना किसी अनुरोध या विकल्प के बदल दिए गए हैं।

कुछ अभिभावकों का कहना है कि उन्हें ऐसे शहरों में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, जिन्हें उन्होंने आवेदन के दौरान प्राथमिकता में नहीं चुना था। इससे परीक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

NTA की ओर से नहीं आया आधिकारिक जवाब

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NTA अधिकारियों ने इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि एजेंसी परीक्षा से पहले होने वाली मॉक ड्रिल और अन्य व्यवस्थाओं में व्यस्त है।

विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा से ठीक पहले इस तरह की तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटियां छात्रों के भविष्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं। ऐसे मामलों में एजेंसी को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि किसी भी छात्र को नुकसान न हो।

छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता

NEET देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र या अन्य तकनीकी गड़बड़ियां छात्रों के मनोबल को प्रभावित कर सकती हैं।

अब्दुल्ला का मामला अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। कई लोगों ने NTA से तत्काल हस्तक्षेप कर छात्र का परीक्षा केंद्र भारत में आवंटित करने की मांग की है।

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