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वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर के पास गोली चलने से मची अफरा-तफरी, तीन घायल

वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में PAC जवान की कार्बाइन से दुर्घटनावश गोली चलने से तीन लोग घायल हो गए। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा व्यवस्था सामान्य बनी हुई है।

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब परिसर के समीप अचानक गोली चलने की घटना सामने आई। घटना में मंदिर क्षेत्र के पास स्थित फूल-माला की दुकान पर काम करने वाले तीन लोग घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गोली प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) के एक जवान की कार्बाइन से गलती से चल गई। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और पूरे इलाके को सुरक्षित कर लिया गया। राहत की बात यह रही कि तीनों घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

यह घटना ऐसे समय हुई जब सुबह के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए मंदिर पहुंच रहे थे। गोली चलने की आवाज सुनते ही कुछ देर के लिए मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन सुरक्षा बलों और पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

सुबह करीब सात बजे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह लगभग 7 बजे मंदिर परिसर के नंदू फारिया प्वाइंट के पास PAC का एक जवान ड्यूटी पर तैनात था। बताया जा रहा है कि जवान सड़क किनारे खड़ा था, तभी उसके हाथ से कार्बाइन अचानक छूट गई। कार्बाइन जमीन पर गिरते ही उससे दो राउंड फायर हो गए।

गोली सीधे किसी व्यक्ति को नहीं लगी, बल्कि जमीन से टकराने के बाद उसके छर्रे पास में मौजूद लोगों को जा लगे। घटना के समय आसपास कई श्रद्धालु और दुकानदार मौजूद थे, जिससे कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

ज्ञानवापी क्षेत्र में तैनात था जवान

प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित PAC जवान का नाम अमरनाथ चौहान है, जो 48वीं वाहिनी PAC का जवान बताया जा रहा है। उसकी ड्यूटी ज्ञानवापी परिसर और काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में लगी हुई थी।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह घटना किसी हमले या आपराधिक मंशा का परिणाम नहीं, बल्कि कार्बाइन के हाथ से छूटने के कारण हुई दुर्घटना है। हालांकि पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं।

तीन दुकानदार घायल

घटना में घायल तीनों लोग मंदिर परिसर के पास स्थित कैलाशपति माला-फूल दुकान पर कार्यरत बताए गए हैं।

घायलों की पहचान इस प्रकार हुई है—

  • रामबाबू गौड़ (निवासी सकरकंद गली)
  • विकास यादव (निवासी डोमरी)
  • निखिल गुप्ता (निवासी राजघाट)

बताया गया है कि—

  • विकास यादव के हाथ और कमर में छर्रे लगे।
  • रामबाबू गौड़ के हाथ और पेट में चोट आई।
  • निखिल गुप्ता के हाथ में छर्रे लगे।

घटना के तुरंत बाद तीनों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया।

सभी घायल खतरे से बाहर

अस्पताल सूत्रों के अनुसार तीनों घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।

डॉक्टरों ने बताया कि घायलों को छर्रों से चोट लगी है और समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण किसी प्रकार की गंभीर स्थिति नहीं बनी।

प्रशासन लगातार घायलों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

पुलिस ने तुरंत संभाली स्थिति

गोली चलने की आवाज सुनते ही मंदिर परिसर में मौजूद पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत सक्रिय हो गए।

श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया और कुछ समय के लिए संबंधित क्षेत्र की आवाजाही नियंत्रित कर दी गई।

इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की जांच की और यह सुनिश्चित किया कि कोई अन्य खतरा मौजूद नहीं है।

कुछ ही देर में स्थिति सामान्य कर दी गई और मंदिर में दर्शन-पूजन की व्यवस्था पहले की तरह जारी रही।

डीसीपी काशी जोन ने क्या कहा?

घटना को लेकर डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि नंदू फारिया प्वाइंट पर तैनात PAC जवान के हाथ से कार्बाइन छूटने के कारण दो राउंड फायर हुए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि गोली जमीन पर लगी थी, जिसके बाद उसके छर्रे तीन दुकानदारों को लगे।

डीसीपी के अनुसार—

  • तीनों घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया।
  • सभी घायल खतरे से बाहर हैं।
  • पूरे मामले की जांच की जा रही है।
  • मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।

मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर

काशी विश्वनाथ मंदिर देश के सबसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

इसी कारण मंदिर परिसर और ज्ञानवापी क्षेत्र में PAC, उत्तर प्रदेश पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की लगातार तैनाती रहती है।

इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

हथियार संचालन में बरती जाएगी अतिरिक्त सावधानी

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर तैनात जवानों को हथियार संचालन के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

ऐसी घटनाएं भले ही दुर्घटनावश हों, लेकिन भीड़ वाले क्षेत्रों में इससे बड़ी जनहानि की आशंका भी बन सकती है।

इसी कारण इस मामले में हथियार के तकनीकी परीक्षण और ड्यूटी प्रोटोकॉल की भी जांच की जा सकती है।

श्रद्धालुओं में कुछ देर रही दहशत

गोली चलने की आवाज सुनते ही कई श्रद्धालु घबरा गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

हालांकि पुलिस और सुरक्षा बलों ने तत्काल लोगों को स्थिति की जानकारी दी और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

कुछ ही समय बाद मंदिर परिसर में सामान्य स्थिति बहाल हो गई और दर्शन की प्रक्रिया सुचारु रूप से जारी रही।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस घटना को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह किसी आतंकी या आपराधिक घटना का मामला नहीं है, बल्कि प्रारंभिक जांच के अनुसार एक दुर्घटना है। विस्तृत जांच के बाद ही अंतिम रिपोर्ट जारी की जाएगी।

निष्कर्ष

वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में शनिवार सुबह PAC जवान की कार्बाइन से दुर्घटनावश फायर होने से तीन लोग घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है और घटना के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि कार्बाइन से फायर किन परिस्थितियों में हुआ। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

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