दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले में महिलाओं के साथ हिंसा और पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने की दो घटनाएं सामने आई हैं। घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के नारी गांव में एक महिला के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि डायन कहकर प्रताड़ित करने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराने से नाराज पड़ोसी ने महिला पर हमला किया। वहीं, सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के निस्ता गांव में एक नाबालिग किशोरी की बरामदगी के लिए पहुंची पुलिस टीम के साथ ग्रामीणों द्वारा धक्का-मुक्की किए जाने की घटना सामने आई है।
शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया
नारी गांव की रहने वाली महिला ने कुछ दिन पहले अपने पड़ोसी मोहम्मद सब्बीर के खिलाफ घनश्यामपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला का आरोप था कि उसे डायन कहकर प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी शिकायत से नाराज होकर आरोपी मंगलवार रात कथित रूप से शराब के नशे में महिला के घर पहुंचा और उस पर केस वापस लेने का दबाव बनाया।
महिला ने शिकायत वापस लेने से इनकार किया तो आरोपी उसे घर से खींचकर गली में ले गया। आरोप है कि वहां उसके कपड़े फाड़कर उसे निर्वस्त्र किया गया और लाठी-डंडे से मारपीट की गई। घटना में महिला घायल हो गई। वह मदद के लिए चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन तत्काल कोई उसकी सहायता के लिए आगे नहीं आया।
पुलिस ने मामले का अनुसंधान शुरू किया
घटना की पुष्टि घनश्यामपुर थाना के दरोगा अनि मिथलेश सिंह ने की है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की ओर से पहले भी थाना में मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस ने घटना को लेकर अनुसंधान शुरू कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, वरीय अधिकारियों से आदेश मिलने के बाद मामले में नामजद आरोपी नारी गांव निवासी मोहम्मद जुम्मन नदाफ के पुत्र मोहम्मद सब्बीर की गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
नाबालिग की तलाश में पहुंची पुलिस टीम से धक्का-मुक्की
दूसरी घटना सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के निस्ता गांव की है। यहां मुजफ्फरपुर जिले के बंदरा थाना क्षेत्र से लापता नाबालिग किशोरी की बरामदगी के लिए पहुंची पुलिस टीम के साथ ग्रामीणों द्वारा कथित तौर पर धक्का-मुक्की की गई। सोमवार देर शाम हुई घटना के दौरान मौके पर मौजूद एक यूट्यूबर के साथ भी मारपीट किए जाने की बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, किशोरी के निस्ता गांव में छिपाकर रखे जाने की सूचना उसके परिजनों को मिली थी। इसके बाद परिजन गांव पहुंचे, लेकिन स्थानीय विरोध के कारण वे खुद किशोरी की तलाश नहीं कर सके। उन्होंने इसकी सूचना डायल-112 को दी।
कई घरों में पुलिस ने की तलाश
सूचना मिलने के बाद दरोगा शंभू शर्मा के नेतृत्व में डायल-112 की पुलिस टीम निस्ता गांव पहुंची। परिजनों द्वारा बताए गए घर में पुलिस ने तलाशी ली, लेकिन वहां किशोरी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने आसपास के मकानों में भी उसकी तलाश शुरू की।
इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस टीम कुछ समय के लिए पीछे हट गई। इस दौरान मौके पर मौजूद एक यूट्यूबर के साथ भी मारपीट किए जाने की बात कही गई है।
पुलिसकर्मी के गंभीर रूप से घायल होने से इनकार
एसडीपीओ सदर-2 एसके सुमन ने पुलिसकर्मी के गंभीर रूप से घायल होने या पुलिस वाहन अथवा अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचने की बात से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि नाबालिग के परिजनों की सूचना पर डायल-112 की टीम निस्ता गांव गई थी। टीम का उद्देश्य मामले को सुलझाना और किशोरी की तलाश करना था।
एसडीपीओ ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दोनों घटनाओं ने दरभंगा में कानून-व्यवस्था और महिलाओं तथा नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।